8 फरवरी 2024: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक आज समाप्त हुई। गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए।
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं: आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5% पर यथावत रखने का फैसला किया है। यह लगातार छठी बार है जब रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
- सीआरआर में 0.5% की कटौती: आरबीआई ने बैंकों के लिए नकदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 4.5% से घटाकर 4.0% करने का फैसला किया है।
- रेपो रेट पर आधारित उधार दर (आरएलआर) 6.25% पर यथावत: आरएलआर वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं।
- मार्जिनल स्टैंडिंग फेसिलिटी (एमएसएफ) दर 6.5% पर यथावत: एमएसएफ वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से अतिरिक्त उधार लेते हैं।
- बैंक दर 6.75% पर यथावत: बैंक दर वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को उधार देता है।
इन घोषणाओं का आप पर क्या असर पड़ेगा:
- सीआरआर में कटौती से बैंकों के पास अधिक पैसा उपलब्ध होगा, जिससे वे उधार देने के लिए अधिक इच्छुक होंगे। इसका मतलब है कि आपको ऋण लेने में आसानी होगी और ब्याज दरें भी कम हो सकती हैं।
- रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से घर और ऑटो ऋण की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
- एमएसएफ दर में कोई बदलाव नहीं होने से बैंकों के लिए अतिरिक्त उधार लेना महंगा होगा। इसका मतलब है कि बैंक उधार देने के लिए अधिक सतर्क रहेंगे।
आरबीआई ने कहा है कि वह आर्थिक गतिविधियों और मुद्रास्फीति पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर नीतिगत दरों में बदलाव करेगा।
