प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 9 फरवरी 2024 को 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत रत्न पुरस्कारों की घोषणा की। इस वर्ष, तीन प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाएगा:
- चौधरी चरण सिंह (मरणोपरांत): पूर्व प्रधानमंत्री, जिन्हें किसानों के नेता और ‘देहाती गरीबों का मसीहा’ के रूप में जाना जाता था।
- पीवी नरसिम्हा राव (मरणोपरांत): पूर्व प्रधानमंत्री जिन्होंने 1990 के दशक में भारत की अर्थव्यवस्था को उदारीकरण और वैश्वीकरण की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- एमएस स्वामीनाथन: कृषि वैज्ञानिक जिन्हें “हरित क्रांति” का जनक माना जाता है, जिन्होंने भारत को खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह घोषणा पूरे देश में स्वागत योग्य रही है। इन तीनों व्यक्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान दिया है और वे भारत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
चौधरी चरण सिंह 1979-1980 तक भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे। वे एक किसान नेता थे जिन्होंने किसानों के हितों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कई महत्वपूर्ण नीतियां और कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें किसानों के लिए ऋण माफी और भूमि सुधार शामिल हैं।
पीवी नरसिम्हा राव 1991-1996 तक भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे। वे एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को उदारीकरण और वैश्वीकरण की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई महत्वपूर्ण नीतियां और कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का निजीकरण शामिल हैं।
एमएस स्वामीनाथन एक कृषि वैज्ञानिक हैं जिन्हें “हरित क्रांति” का जनक माना जाता है। उन्होंने भारत में उच्च उपज वाली किस्मों (HYVs) के विकास और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान ने भारत को खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने में मदद की।
भारत रत्न पुरस्कार 1954 में स्थापित किया गया था। यह भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो कला, साहित्य, विज्ञान, और सार्वजनिक जीवन के अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।
यह पुरस्कार इन तीनों व्यक्तियों के लिए एक योग्य श्रद्धांजलि है। वे भारत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
