GD Exam: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों की भर्ती के लिए पहली बार 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में कांस्टेबल (जीडी) की भर्ती के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। पहली बार यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी आयोजित होगी। यह परीक्षा देशभर के 128 शहरों में करीब 48 लाख उम्मीदवार के लिए 20 फरवरी से सात मार्च 2024 तक आयोजित की जाएगी।
यह बदलाव गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर किया गया है। इसका उद्देश्य CAPF में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देना है।
परीक्षा में शामिल 13 क्षेत्रीय भाषाएं:
- असमिया
- बंगाली
- गुजराती
- मराठी
- मलयालम
- कन्नड़
- तमिल
- तेलुगु
- ओडिया
- उर्दू
- पंजाबी
- मणिपुरी
- कोंकणी
यह बदलाव देश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है। यह उन युवाओं को CAPF में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगा जो हिंदी या अंग्रेजी में सहज नहीं हैं।
इस बदलाव के कुछ महत्वपूर्ण पहलू:
- यह देशभर में CAPF में भर्ती प्रक्रिया को अधिक समावेशी बना देगा।
- यह क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देगा।
- यह देश के विभिन्न क्षेत्रों से अधिक से अधिक युवाओं को CAPF में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
यह बदलाव निश्चित रूप से CAPF में भर्ती प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी बना देगा। यह देश के युवाओं को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करेगा और उन्हें CAPF में शामिल होने का समान अवसर देगा।
अतिरिक्त जानकारी:
- गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने इस बदलाव को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- SSC ने कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा, 2024 को अंग्रेजी और हिंदी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने के लिए अधिसूचना प्रकाशित की है।
- परीक्षा का स्वरूप और पाठ्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है।
- परीक्षा में लिखित और शारीरिक परीक्षा शामिल होगी।
यह बदलाव देश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। जो युवा CAPF में शामिल होने का सपना देखते हैं, उन्हें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह बदलाव अभी शुरुआती चरण में है। यह देखना बाकी है कि यह बदलाव CAPF में भर्ती प्रक्रिया को कितना प्रभावित करता है।
यह उम्मीद की जाती है कि यह बदलाव CAPF में भर्ती प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और समावेशी बना देगा।