कतर ने जेल में बंद उन आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को रिहा कर दिया है जिन्हें करीब साढ़े तीन महीने पहले संदिग्ध जासूसी के एक मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि रिहा किए गए आठ भारतीयों में से सात भारत लौट आए हैं और देश अपने नागरिकों की रिहाई तथा उनकी घर वापसी को संभव बनाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करता है।
यह घटनाक्रम:
- 26 अक्टूबर, 2023: कतर की एक अदालत ने नौसेना के पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई।
- 28 दिसंबर, 2023: कतर की अपीलीय अदालत ने मृत्युदंड को कम कर दिया और उन्हें अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई।
- फरवरी 2024: कतर के अमीर के फैसले पर रिहाई।
विदेश मंत्रालय ने कहा:
- “भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है।”
- “रिहा किए गए आठ भारतीयों में से सात भारत लौट आए हैं।”
- “हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी को संभव बनाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।”
यह रिहाई:
- भारत की कूटनीतिक कोशिशों का परिणाम है।
- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के बीच हुई बातचीत का नतीजा है।
यह घटनाक्रम:
- भारत और कतर के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।
- दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को बढ़ावा देगा।