किसान आंदोलन: दिल्ली कूच तेज, सरकार से टकराव की आहट! (13 फरवरी 2024)
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हजारों किसान एक बार फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर कूच करने को तैयार हैं। यह खबर 13 फरवरी 2024 को विभिन्न समाचार स्रोतों जैसे आज तक, NDTV, दैनिक भास्कर, द ट्रिब्यून आदि में प्रमुखता से प्रकाशित हुई है।
हालात की गंभीरता:
- 13 फरवरी को शंभू बॉर्डर (हरियाणा-पंजाब सीमा) पर जब किसानों ने दिल्ली कूच करने की कोशिश की तो पुलिस के साथ झड़प हो गई। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
- पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर भारी सुरक्षाबल तैनात हैं। कांटेदार तारें लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
- दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। शहरवासियों को जाम की भी चिंता सता रही है।
- केंद्र सरकार किसान नेताओं से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
किसानों की मांगें:
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी।
- तीन कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करना।
- बिजली बिल में बदलाव और किसानों को छूट देना।
- खेती की लागत घटाने के उपाय।
सरकार का रुख:
- केंद्र सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मनोहर लाल खट्टर और गजेंद्र सिंह शेखावत 13 फरवरी को ही किसान नेताओं से बातचीत करेंगे।
- सरकार का कहना है कि तीन कृषि कानून वापस लिए जा चुके हैं, लेकिन MSP पर कानूनी गारंटी देना मुश्किल है।
- सरकार सुरक्षाबलों को तैनात कर विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
आशंकाएं और अनिश्चितता:
- पिछले साल हुए लंबे किसान आंदोलन को देखते हुए आशंका है कि स्थिति गंभीर हो सकती है।
- दिल्लीवासियों को जाम और दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- सरकार और किसानों के बीच टकराव से अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में स्थिति किस करवट लेगी, यह देखना होगा। सरकार और किसानों के बीच सकारात्मक बातचीत ही इस तनाव को कम कर सकती है।