पंजाब सीमा: किसानों पर बल का इस्तेमाल, सरकार अब करेगी कार्रवाई: सरवन पंधेर

किसान नेता पंधेर ने कहा कि देश में पहली बार सीमा सुरक्षा बलों ने किसानों पर बल का इस्तेमाल किया है। इस बारे में विरोधी प्रदर्शन के समर्थन में उन्होंने कहा कि या तो सरकार उनकी मांगों को सुने या फिर उन्हें प्रदर्शन करने दे, जो उनका लोकतंत्रिक अधिकार है। नई दिल्ली: आज किसानों के दिल्ली चलो मार्च का दूसरा दिन है। किसानों ने मंगलवार को दिल्ली में प्रवेश करने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पहले से ही अलर्ट मोड पर बैठी दिल्ली पुलिस ने उनके योजनाओं को नाकाम कर दिया। इसी के साथ दिल्ली के सीमाओं पर ही किसानों की भीड़ को रोक दिया गया, साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही सुरक्षा जवानों ने उन पर बल का इस्तेमाल भी किया। इस बात से किसानों में भारी नाराजगी है। किसान नेता सरवन पंधेर ने आज इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन पर पुलिस नहीं बल्कि सीमा सुरक्षा बल कार्रवाई कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी-पंजाब सीएम से किसान नेता की मांग

किसान नेता ने कहा कि देश में पहली बार सीमा सुरक्षा बलों ने किसानों पर बल का इस्तेमाल किया है। इस विरोधी प्रदर्शन के मामले में उन्होंने कहा कि या तो सरकार उनकी मांगों को सुने या फिर उन्हें प्रदर्शन करने दे, जो उनका लोकतंत्रिक अधिकार है। सरवन पंधेर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, और वही जीतेंगे भी। उन्होंने पीएम मोदी से बड़ा दिल दिखाते हुए MSP कानून को बनाने की अपील की। किसान नेता ने कहा कि उनके 15 किसानों को अंबाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सरवन पंधेर ने पंजाब सरकार से कार्रवाई की मांग की, कहते हुए कि सीमा सुरक्षा बलों ने पंजाब की सीमा पर बल का इस्तेमाल किया है, जिस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह न केवल आंसू गैस के गोले थे, बल्कि SLR गोलियां और रबड़ गोलियां भी मारी गईं।

बताया जाता है कि मंगलवार को प्रदर्शन करने के दौरान हरियाणा पुलिस ने शंभू सीमा के पास बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने वाले किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कुछ किसानों को शंभू सीमा के पास हिरासत में लिया गया है।

पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर कई जगहों पर पानी की बौछारें करने वाली गाड़ियों समेत दंगा रोधी वाहन भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा कर्मी ड्रोन के जरिए भी सुरक्षा पर नजर रख रहे हैं। हरियाणा सरकार ने भी 15 जिलों में धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू की हैं, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर रोक है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए मंगलवार को पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर भारी बैरिकेडिंग लगाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि राज्य की सीमाएं “अंतरराष्ट्रीय सीमाओं” में बदल गई हैं।

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