Himachal Budget: राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा बजट सत्र, इस बार 13 दिन चलेगा सेशन

हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का पांचवां सत्र बुधवार 14 को राज्यपाल अभिभाषण के साथ शुरू हो रहा है। सत्र के शुरू होते ही 11:00 बजे राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल सदन को संबोधित करेंगे और सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के पहले साल में किए गए काम का लेखा-जोखा रखेंगे। इस अभिभाषण से ठीक पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राजभवन जाकर राज्यपाल से मिले। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण इस बार बजट सत्र छोटा है और 29 फरवरी को समाप्त हो जाएगा।

कुल 13 दिन सदन चलेगा, जिसमें दूसरे दिन 15 फरवरी को अनुपूरक बजट सदन में रखा जाएगा। इसे 16 फरवरी को पारित किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए इस बार सिर्फ दो दिन मिलेंगे। 17 फरवरी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करेंगे। बजट पर चर्चा के लिए इस बार चार दिन और कटौती प्रस्तावों के लिए सिर्फ तीन दिन मिलेंगे। दो दिन प्राइवेट मेंबर डे के लिए होंगे और बजट को सत्र के आखिरी दिन 29 फरवरी को पारित किया जाएगा।

विधानसभा का यह बजट सत्र लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए विपक्षी दल भाजपा भी आक्रामक होगी। प्राकृतिक आपदा के बाद आपदा राहत में भेदभाव, पिछले एक साल से नौकरियां न मिलने, कांग्रेस की गारंटिया पूरी न होने और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्षी दल सदन में हंगामा कर सकता है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार शाम को शिमला में हुई है, जिसमें विपक्ष को उसी की भाषा में जवाब देने की रणनीति बनी है। केंद्र से मदद के नाम पर हो रहे भेदभाव और आर्थिक संकट के बावजूद बाद राहत पैकेज देने जैसे मामलों को सत्ता पक्ष सदन में रखेगा। इस सत्र के बाद क्योंकि दोनों दलों ने लोकसभा चुनाव में जाना हैए इसीलिए सदन के भीतर भी चुनावी गर्मी दिख सकती है।

शाम को कैबिनेट मीटिंग

बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण के बाद शाम को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। यह बैठक राज्य सचिवालय में होगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के बजट भाषण को मंजूरी दी जाएगी, जिसे 17 फरवरी को सदन में रखा जाना है। इसके अलावा भी कुछ मामले कैबिनेट में चर्चा में लाए जा सकते हैं। राज्य के स्कूलों में दाखिले की उम्र को लेकर भी पुनर्विचार के लिए मामला कैबिनेट में जाएगा। साथ ही पेंडिंग भर्तिंयों को लेकर बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी में कोई बदलाव करना है या नहीं, यह चर्चा भी संभव है।

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