हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र: गारंटी, विकास और आरोपों की गूंज
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को एक दिन के अवकाश के बाद फिर से शुरू हुआ। सदन में प्रश्नकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिनमें गारंटी, विकास और आरोप-प्रत्यारोप शामिल थे।
मुख्य बातें:
- नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की गारंटियों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार अपनी सभी गारंटियां पूरी करेगी।
- सदन में विधायकों ने विभिन्न विकास कार्यों और समस्याओं को उठाया।
- विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप:
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने चुनावों में जो गारंटियां दी थीं, उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह देने की गारंटी अभी तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों से गाय का दूध 80 रुपए और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति लीटर खरीदने का वादा भी पूरा नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री का जवाब:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार अपनी सभी गारंटियां पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही कई गारंटियां पूरी कर दी हैं, जैसे कि मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाना, और ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करना। उन्होंने कहा कि सरकार बाकी गारंटियों को भी जल्द ही पूरा करेगी।
विभिन्न मुद्दे:
सदन में विधायकों ने विभिन्न विकास कार्यों और समस्याओं को उठाया। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विपक्ष ने सरकार पर विकास कार्यों में देरी का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
तीखी बहस:
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच कई बार शब्दों का आदान-प्रदान हुआ।