मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट चर्चा में दिए गए मुख्य बिंदु:
कर्मियों के लिए:
- 1 मार्च से लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।
- एसएमसी अध्यापकों के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है।
- पीडब्ल्यूडी पैरा वर्कर के वेतन में 500 रुपए की बढ़ोतरी।
आपदा राहत:
- केंद्र सरकार ने आपदा के बावजूद कोई मदद नहीं दी।
- 4500 करोड़ रुपए का आपदा राहत पैकेज राज्य सरकार ने घोषित किया है।
बजट:
- प्रदेश की वित्तीय हालत को देखते हुए बजट प्रस्तुत किया गया है।
- बजट को समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिला है।
महिलाओं के लिए:
- लाहुल स्पीति में 24 फरवरी से महिलाओं को डेढ़ हजार रुपए देने की तैयारी।
- 2.37 लाख महिलाओं को 1100 रुपए की जगह 1500 रुपए मिलने शुरू हो जाएंगे।
डॉक्टरों के लिए:
- पीजी करके आए डाक्टरों को अब 33 हजार की जगह 40 हजार की व्यवस्था।
कर्मचारियों के लिए:
- पहली कैबिनेट में लागू नियमों के आधार पर ही ओल्ड पेंशन दी जाएगी।
- पुलिस कर्मियों की डाइट मनी पांच गुणा कर दी गई है।
राजस्व:
- शराब के ठेकों की बिक्री से पूर्व सरकार ने हर वर्ष 166 करोड़ की आय अर्जित की, जबकि मौजूदा सरकार ने एक वर्ष में 400 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया।
- राज्य सरकार ने 116 करोड़ रुपए मिल्क सेस से जुटाए।
अन्य:
- 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर राज्य बनेगा।
- दूध पर एमएसपी वाला हिमाचल पहला राज्य बना है।
- ज्वालामुखी, जयसिंहपुर और चुवाड़ी में जलशक्ति विभाग के डिवीजन कार्यालय खोले जाएंगे।
- शिमला में हिमफेड के पेट्रोल पंप से आईजीएमसी तक सुरंग का निर्माण किया जाएगा।
- कांग्रेस की गारंटियों को राज्य सरकार ने पूरा कर लिया है।
- युवाओं के लिए 680 करोड़ की स्वरोजगार योजना और सभी स्कूल अंग्रेजी मीडियम के शुरू कर दिए हैं।
- वाइल्ड फ्लावर हाल का केस सरकार ने जीता।
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में बढ़ोतरी को वापस ले लिया है।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट चर्चा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें कर्मियों, महिलाओं, डॉक्टरों, किसानों और युवाओं के लिए लाभकारी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।