कुल्लू: 32 साल में पहाड़ों में गुम हुए 113 सैलानी, 20 का अब भी कोई सुराग नहीं
मुख्य बातें:
- पिछले 32 सालों में कुल्लू जिले के पहाड़ों में 113 सैलानी लापता हुए हैं।
- इनमें से 93 लोगों को पुलिस ने खोज निकाला, लेकिन 20 का अभी तक कोई सुराग नहीं है।
- लापता सैलानियों में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, अमरीका, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, इंग्लैंड, इटली, रूस, कनाडा और युगोस्लाविया के नागरिक भी शामिल हैं।
- पुलिस सैलानियों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है और लापता लोगों को खोजने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
विवरण:
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पिछले 32 सालों में 113 सैलानी लापता हुए हैं। इनमें से 93 लोगों को पुलिस ने खोज निकाला, लेकिन 20 का अभी तक कोई सुराग नहीं है। लापता सैलानियों में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, अमरीका, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, इंग्लैंड, इटली, रूस, कनाडा और युगोस्लाविया के नागरिक भी शामिल हैं।
इनमें से कुछ सैलानी ट्रैकिंग के दौरान लापता हुए, जबकि कुछ अन्य खाई में गिर गए या अन्य कारणों से लापता हो गए। पुलिस ने लापता लोगों को खोजने के लिए कई अभियान चलाए हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
एसपी कुल्लू डाक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने कहा कि कुल्लू पुलिस सैलानियों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने पर्यटन कारोबारियों से आग्रह किया है कि वे ट्रैकिंग रूट के बारे में सैलानियों को सही तरीके से जानकारी दें।
उन्होंने कहा कि जो भी पर्यटक लापता चल रहे हैं, उन्हें तलाश करने के लिए भी कुल्लू पुलिस लगातार काम कर रही है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
- कुल्लू जिले में कई दुर्गम ट्रैकिंग रूट हैं, जहां पर लापरवाही के चलते सैलानी खाई में भी गिर जाते हैं।
- पुलिस ने सैलानियों की सुरक्षा के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं, जैसे कि पर्यटन पुलिस की तैनाती, ट्रैकिंग रूट पर साइन बोर्ड लगाना, आदि।
- सैलानियों को भी सलाह दी जाती है कि वे ट्रैकिंग पर जाने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखें, उचित उपकरण और कपड़े पहनें, और किसी अनुभवी गाइड के साथ जाएं।
यह एक गंभीर समस्या है और इसे हल करने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो सैलानियों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं:
- ट्रैकिंग पर जाने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखें।
- उचित उपकरण और कपड़े पहनें।
- किसी अनुभवी गाइड के साथ जाएं।
- अपने परिवार और दोस्तों को अपनी यात्रा योजना के बारे में बताएं।
- अपने साथ पर्याप्त भोजन और पानी ले जाएं।
- ट्रैकिंग रूट पर बने रहें।
- यदि आप खो जाते हैं, तो शांत रहें और मदद के लिए कॉल करें।
सैलानियों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। आइए हम सब मिलकर उन्हें सुरक्षित रखें।