सुक्खू सरकार पर बड़ा संकट, राज्यसभा में भाजपा के हर्ष महाजन जीते
दिन भर चले ड्रामे के बाद भाजपा पर्ची के माध्यम से जीती
अश्वनी वर्मा
शिमला। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए मंगलवार को हुई वोटिंग में कांग्रेसी विधायकों के जमकर क्रॉस वोटिंग हॊने के बाद भाजपा के हर्ष महाजन वॊट बराबर हॊने के बाद. परची विधि से जीत गए हैं। भाजपा अब अगले दे दिनॊं में सुक्खू सरकार कॊ गिराने की कॊशिश करेगी। क्रास वॊटिंग के बाद कांग्रेस के छह विधायक और तीन निर्दलीय विधायक प्रदेश की सीमा से बाहर चले गए थे जबिक मुख्यमंत्री आरॊप लगा रहे थे कि इनका अपहरण कर लिया गया है। सुक्खू दिन भर यही कहते रहे कि हमारे साथ पूर्ण बहुमत है और चंता की बात नहीं है। सुबह मतदान के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यह भी कहा था कि भाजपा के पास महज नॊटॊं की विचार धारा है। गणना के ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक विधायक कॊ कांग्रेस हैलिकाप्टर में लाया गया। इसिलए चुनाव आयॊग कॊ इस मत पर फैसला लेने से पहले गिनती रॊक देनी चाहिए। कुछ देर तक गिनती रॊकी भी गई थी। पर जग गिनती में दॊनॊं पक्ष के वॊट बराबर पाए गए तॊ फैसला पर्ची विधि से लिया गया। इस विधि से भाजपा के हर्ष महाजन विजयी घॊषित कर दिए गए।
जाहिर है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार खतरे में आ गई है। हिमाचल में कांग्रेस के 6 और 3 निर्दलीय विधायकों के भाजपा के हक में क्रॉस वोटिंग की है।
कांग्रेसी विधायकों में सुजानपुर के राजेंद्र राणा, धर्मशाला के सुधीर शर्मा, कुटलैहड़ के देवेंद्र भुट्टो, बड़सर के इन्द्रदत्त लखनपाल, लाहौल-स्पीति के रवि ठाकुर और गगरेट के चैतन्य शर्मा का नाम है। ये सभी वोटिंग से पहले सुबह एक ही गाड़ी में विधानसभा पहुंचे। विधानसभा के बाहर गाड़ी से उतरते ही भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर और राकेश जम्वाल इनसे मिले। यहां वोटिंग के बाद ये शिमला से निकल गए और अब किसी के संपर्क में नहीं हैं।पर भाजपा के नेता इनसये अपने संपर्क की बात कह रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस सरकार में हड़कंप मचा हुआ है।

तीन निर्दलीय विधायकों हमीरपुर के आशीष शर्मा, देहरा के होशियार सिंह और नालागढ़ के केएल ठाकुर ने भी भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट दी है।
कहा जा रहा है कि इन सभी 9 विधायकों को सीरआरपीएफ की सुरक्षा दी जा रही है। इसके लिए सीरआरपीएफ की 3 बसें शिमला पहुंची। ये सभी 9 विधायक पंचकूला पहुंच गए हैं। राज्यसभा चुनाव में सभी 68 विधायकों ने वोट डाला है। काउंटिंग शुरू हुई तो भाजपा ने विरोध जताया। जिसके बाद काउंटिंग कुछ घंटे रुकी रही। चुनाव आयॊग के निर्देशॊं के बाद गिनती देर शाम शुरू हुई और भाग्य हर्ष महाजन के साथ रहा। मशहूर वकीन अभिषेक मनु सिंघवी की वकालत यहां धरी रह गई।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इससे पहले कहा – हमारे पास पूरा बहुमत है। जिस तरह अभी काउंटिग शुरू हुई और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर काउंटिंग ऑफिसर को धमका रहे हैं, ये लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। भाजपा के हिमाचल नेताओं को मुख्यमंत्री ने सब्र रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ और हरियाणा पुलिस हिमाचल के विधायकों को लेकर गई हैं। उनके परिवार के लोग संपर्क कर रहे है। उन्होंने भाजपा पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास पूरा बहुमत है। जिस तरह का गंदा खेल भाजपा खेल रही है, हिमाचल की संस्कृति इस चीज को पसंद नहीं करती।
हिमाचल प्रदेश में एक राज्यसभा सीट पर मंगलवार को हुए चुनाव का नतीजा घोषित होने से पहले सियासी घमासान मच रहा। सत्तापक्ष औऱ विपक्षी दल के नेता एक दूसरे पर जुबानी हमले बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर विधायकों को किडनैपिंग के आरोप लगाया है। उन्होंने विधानसभा परिसर में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि उनके कुछ विधायकों का किडनैप हुआ है और इन्हें ले जा रही बस के चित्र हमें मिले हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे पांच-छह विधायकों को सीआरपीएफ और हरियाणा पुलिस लेकर गई है। यह सब भाजपा कर रही है। विधायकों के परिजन इनसे सम्पर्क कर रहे हैं।
सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों रहते हैं लेकिन विपक्ष हिमाचल प्रदेश में गुंडागर्दी पर उतर आया है। उनका कहना है कि विपक्ष की इस हरकत को हिमाचल प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस घिनौने खेल को हिमाचल की संस्कृति कभी पसन्द नहीं करती। उन्होंने कहा कि मतगणना के बीच विपक्ष के नेता कॉउंटिंग हॉल में आकर कॉउंटिंग अफसरों को धमका रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। इससे पहले राज्यसभा की एक सीट पर हुए चुनाव की मतगणना शुरू होते ही मतदान केंद्र में गहमागहमी हुई। विपक्षी दल भाजपा ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप जड़ा दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू के मामले में आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। प्रदेश सरकार का हेलीकॉप्टर विधायक को लेकर शिमला आता है और मुख्यमंत्री अपनी कार में बिठाकर उन्हें मतदान केंद्र तक लेकर आते हैं। यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी से अंतिम चुनाव परिणाम न आने तक कांग्रेस विधायक के वोट को अवैध करार देने की अपील की है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर विधानसभा परिसर में बनाये गए मतदान केंद्र में आज सुबह 9: 00 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान अपरान्ह 4:00 बजे तक चला। प्रदेश के सभी 68 विधायकों ने वोट डाले। कांग्रेस के 40, भाजपा के सभी 25 और 3 निर्दलीय विधायकों ने मतदान किया। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा के हर्ष महाजन के बीच मुकाबला है। चुनाव जीतने के लिए 35 विधायकों के वोट की आवश्यकता है।