जलवायु परिवर्तन के लिए सतत् जलागम प्रबंधन: कार्यशाला में नागेश गुलेरिया के विचार
मुख्य बातें:
- प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने की आवश्यकता है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण 20 देशों में अस्तित्व का संकट आ सकता है।
- हिमाचल और उत्तराखंड में पिछले साल की आपदा जलवायु परिवर्तन का उदाहरण है।
- जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए काम करने की आवश्यकता है।
- जलवायु परिवर्तन के लिए पांच मुख्य चुनौतियां: प्रजातियों का समाप्त होना, भू-जल में गिरावट, पिघलते गलेशियर, तापमान में वृद्धि, लोगों का भविष्य असुरक्षित होना।
- विकास कार्यों के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन को बचाने की योजना तैयार करना होगा।
- जलवायु के साथ न्याय होगा तो आम लोगों की जिंदगी से संकट टल सकता है।
नागेश गुलेरिया द्वारा दिए गए जल, जंगल और जमीन बचाने के मंत्र:
- जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, तालाबों का निर्माण, और जल पुनर्भरण जैसी तकनीकों का उपयोग करना।
- वनीकरण को बढ़ावा देना और जंगलों की सुरक्षा करना।
- भूमि का उचित उपयोग करना और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना।
निष्कर्ष:
जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या है, और इसे हल करने के लिए सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। नागेश गुलेरिया द्वारा दिए गए जल, जंगल और जमीन बचाने के मंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है