हिमाचल में नहीं बढ़े बिजली के रेट, राज्य विद्युत नियामक आयोग ने एक रुपए प्रति यूनिट बढ़ाकर दिया टैरिफ
हिमाचल में राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अगले वित्त वर्ष के लिए बिजली का टैरिफ जारी कर दिया है। इस टैरिफ ऑर्डर में एनर्जी चार्ज को एक रुपए प्रति यूनिट तक बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इसका उपभोक्ताओं पर असर नहीं होगा, क्योंकि राज्य सरकार अपनी सबसिडी बढ़ाकर इसे बैलेंस करेगी। आयोग के सचिव की ओर से जारी किए गए इलेक्ट्रिसिटी टैरिफ में यह बात कही गई है। इस ऑर्डर के अनुसार बिजली बोर्ड के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में एनुअल रिवेन्यू रिक्वायरमेंट 8111 करोड़ की आंकी गई है। नियंत्रण से बाहर वाले पैरामीटर को देखते हुए बिजली बोर्ड के लिए औसत विद्युत सप्लाई लागत 6.79 रुपए प्रति यूनिट आयोग ने आंकी है। इसीलिए एनर्जी चार्ज में वर्तमान दरों एक रुपए प्रति यूनिट की वृद्धि सभी प्रकार के कंज्यूमर्स के लिए की गई है। हालांकि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह वृद्धि 75 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से होगी। इस बढ़ोतरी का कोई प्रभाव उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इस राज्य सरकार अपनी सबसिडी से पूरा कर देगी।
आयोग ने फिक्स या डिमांड चार्ज में कोई वृद्धि नहीं की है। औद्योगिक क्षेत्र के योगदान को देखते हुए विद्युत नियामक आयोग ने उद्योगों के लिए 15 फीसदी रिबेट की सुविधा को आगे भी जारी रखा है। छोटे उद्योगों के क्षेत्र में नेगेटिव ग्रोथ को देखते हुए इनकी बिजली की दरों में 75 पैसे की ही वृद्धि की गई है। नियामक आयोग का ऑर्डर कहता है कि राज्य सरकार ने आयोग को दिए पत्र में कहा है कि अतिरिक्त दरों के बदले राज्य सरकार सबसिडी उपलब्ध करवाएगी। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं होगी। गौरतलब है कि कुछ रोज पहले हुई कैबिनेट की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया था, क्योंकि टैरिफ ऑर्डर चुनाव आचार संहिता के बीच में आना था। इसलिए तब सरकार टैरिफ बढ़ाने का फैसला नहीं कर सकती थी। यही कारण है कि कैबिनेट के फैसले के बाद एक पत्र जारी कर अतिरिक्त सबसिडी देने की बात राज्य सरकार ने नियामक आयोग को कही थी।