शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) इकाई के अध्यक्ष विक्रम चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह ओबीसी वर्ग की मांगों का प्रदेश सरकार की ओर से पूरा नहीं होना बताया है। श्री चौधरी ने कहा कि ओबीसी आयोग और ओबीसी वित्त निगम में चेयरमैन के पद भी नहीं भरे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2022 में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें पूरा यकीन था कि ओबीसी के हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। श्री चौधरी ने कहा कि पार्टी की ओर से ओबीसी के मुद्दों को हल करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है।
कुल 418 पीसीसी, डीसीसी और बीसीसी सदस्यों में से केवल आठ ओबीसी सदस्यों को जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ओबीसी प्रमाणपत्र की वैधता, उच्च शिक्षा में 18 प्रतिशत आरक्षण के अलावा सरकार में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों, एचपीपीएससी और अधीनस्थ में ओबीसी सदस्यों की नियुक्ति में 18 प्रतिशत आरक्षण के कार्यान्वयन की मांग लंबे समय से लंबित है। गौरतलब है कि श्री चौधरी चौधरी सरवण कुमार के पुत्र हैं। स्वर्गीय चौधरी सरवण पूर्व में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी रहे थे।