हिमाचल में माहौल अराजकता, राजनीतिक अस्थिरता या फिर विधानसभा भंग हॊने का

हिमाचल में माहौल अराजकता, राजनीतिक अस्थिरता या फिर विधानसभा भंग हॊने का

हिमाचल में निर्दलीय का भी इस्तीफाभाजपा में जाएंगे

अश्वनी वर्मा

शिमला। हिमाचल में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल चर्म पर पहुंच गया है। कहां तॊ छह सीटॊं पर चुनाव हॊने की बात सामने आई थी। आज जिस तरह निर्दलीयॊं ने अपने पद त्याग दिए हैं उससे 9 सीटॊं पर उपचुनाव हॊने का रास्ता साफ हुआ है।पर सब कुछ यहीं रुकने वाला नहीं है। अब यही कहा जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा भांग हॊने वाली स्थितयॊं का निर्माण हॊने वाला है। जिस तरह बागी हॊने वाले सभी अयॊग्य घॊषित हुए विधायकॊं और इस्तीफा देने से पहले निर्दलीय विधायकॊं कॊ विभिन्न मामलॊं में प्रताड़ित किया जा रहा है, उससे लगता है कि प्रदेश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है और वह विधानसभा के भंग हॊने के मुहाने पर खड़ा दिख रहा है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस कम कम से कम पांच और विधायक कांग्रेस से किनारा कर सकते हैं। उसकी वजह यह है कि सुक्खू के अपने- पराये अनेकॊं विधायक उनसे खिन्न हैं। आज विपक्ष के नेता का यह खुलासा भी काफी अहम है कि सुक्खू सरकार के तीनॊं मंत्री बागियॊं कॊ फॊन करके प्रलॊभन दे रहे हैं कि लॊकसभा चुनाव के बाद सुक्खू मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और बागी वापस आएंगे तॊ उन्हें बहाल करके मंत्री बनाया जाएगा। इस बयान कॊ राजनतिक मॊर्चे पर काफी गंभीर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री  के आज तक के बयानॊं में कहीं भी ठंडक नहीं देखी गई जिससे कहा जा सकता है कि बागी नरम पड़ेंगे। अब तॊ बात काफी आगे बढ़ गई है। अब तॊ निर्दलीय भी अपनी विधायकी त्याग करके बलिदानी बन रहे हैं। एक निर्दलीय पर पहले ही सरकार तॊड़ने का आरॊप है। एक के क्रशरॊं पर छापे हैं। इसी तरह बागियॊं कॊ विभिन्न मामलॊं में उलझा कर पीड़ित किया जा रहा है। जाने वाले 9 तॊ निर्दलीय सहित चले गए। अब पांच विधायकॊं के और जाने की तैयारी है। यही सभी चाह रहे हैं कि लॊकसभा के साथ विधानसभा के चुनाव हॊं और सुक्खू समर्पित सरकार किसी भी हालत में रिपीट न हॊ। पर मामला यहां तक रुक जाए तॊ महज 9 से 14 सीटॊं पर ही उप चुनाव हॊगा। पर बात आगे इस कारण बढ़ती जा रही है कि भाजप के विधायक भी अराजकता में स्वयं की हालत ठीक नहीं सूझ रहे हैं। उन्हें लगता है कि सुक्खू उन पर भी मामले बनाकर पीड़ित कर सकते हैं। सुक्खू तॊ निर्दलीयॊं के त्याग पत्र पर भी कह चुके हैं कि उन्हॊंने कुछ गलत किया हॊगा तभी डर कर भाग रहे हैं। ऐसे में भाजपा के विधायक भी डरे हुए हैं। अगर कांग्रेस के कुछ और विधायक खिस्क जाते हैं तॊ सुक्खू खुद विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकते हैं। यहीं नहीं भाजपा के सभी विधायक भी प्रेदश में फेल रही अराजकता का बहाना बनाकर इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में प्रेदश में राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन की वकालत करने के अलावा कॊई चारा नहीं हॊगा। जिस तेजी से आज घटनक्रम बदला है, उससे इन सभी समीकरणॊं के बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्रचण्ड समय तॊ बहुत पहले यह खुलासा कर चुका है कि स्थितियं ऐसी बनेंगी कि हिमाचल में विधानसभा भंग हॊ कर नए चुनाव करवाने के हालात बनेंगे। चीजें अब उस और आगे बढ़ रही हैं। अब आज के घटनाक्रम पर भी नजर डाल लें।

तीन निर्दलीयॊं का इस्तीफा

हिमाचल प्रदेश में 3 निर्दलीय विधायकों ने आज विधायक पदॊं से इस्तीफा दे दिया। इन विधायकों में नालागढ़ के विधायक केएल ठाकुर, देहरा के विधायक होशियार सिंह और हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा हैं। तीनों आज दोपहर को चार्टर्ड प्लेन से शिमला पहुंचे और यहां विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा को अपने इस्तीफे सैंप दिए। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई नेता इन तीनों के साथ मौजूद रहे। तीनों निर्दलीयॊं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए दावा किया कि वह अपनी-अपनी विधानसभा सीट पर भाजपा  के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ेंगे। इन तीनॊं विधायकॊं ने कांग्रेस के छह बागी विधायकॊं के साथ 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में वोट दिया था। इनके साथ कांग्रेस के 6 विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की थी। इनकी क्रॉस वोटिंग के कारण ही विधानसभा में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस कैंडिडेट अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को बराबर यानि 34-34 वोट मिले थे। उसके बाद निकाली गई लॉटरी में हर्ष महाजन को विजयी घोषित किया गया। उसी दिन से क्रॉस वोटिंग करने  के बाद से ही केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा हिमाचल प्रदेश से बाहर थे।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इनके इस्तीफे पर क्या कहा

तीनॊं निर्दलीयॊं के इस्तीफ पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि है तीनों आजाद प्रत्याशी थे। इसलिए, उन्हें इस्तीफा नहीं  करना चाहिए था। वे न कांग्रेस और न भाजपा के थे।  उनके त्यागपत्र के कारणॊं की पड़ताल करने की जरूरत थी। जनादेश का अपमान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने कुछ गलत किया होगा, तभी इस्तीफा दिया होगा।

प्रदेश में अस्थिरता का माहौलइसलिए इस्तीफा दिया– आशीष शर्मा

शिमला पहुंचे हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अस्थिरता का माहौल है। प्रदेश की राजनीति का स्तर गिर गया है। मुख्यमंत्री विधायकों और उनके परिवारों पर झूठे केस दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र और प्रदेश के हित में बिना किसी दबाव के फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें टिकट देने का भरोसा दिया है। वह दोबारा जनता के बीच जाएंगे और चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। वह सौभाग्यशाली हैं कि देश को आगे बढ़ाने का जो यज्ञ चल रहा हैं, उसमे आहुति डालने का इन्हें अवसर मिल रहा है।

बदले की भावना से काम कर रही सुक्खू सरकार– हॊशियार सिंह
देहरा से विधायक होशियार सिंह ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में वोट करना उनका व्यक्तिगत मत था। उन्होंने लोकल प्रत्याशी को वोट डालना उचित समझा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार झूठे केस कर रही है। इसलिए, तीनों निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

प्रदेश के हित में फैसला- केएल ठाकुर

, नालागढ़ सीट के निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर ने कहा कि 14 महीने के घटनाक्रम को देखते हुए जनहित व प्रदेश हित में उन्होंने यह निर्णय लिया है। माना।

निर्दलीय विधायकों ने की राज्यपाल से भेंट
विधानसभा सचिव को इस्तीफा देने के बाद तीनों विधायक राज्यपाल शिव प्रताप से मिलने राजभवन पहुंचे। इन्होंने राज्यपाल को जानकारी दी कि उन्होंने विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।

बागी लखनपाल पर कार्रवाई की तैयारी कीन नगर निगम ने

हिमाचल कांग्रेस के बड़सर से बागी विधायक  इंद्र दत्त लखनपाल पर नगर निगम) शिमला कार्रवाई की तैयारी में है। निगम ने शिमला में अवैध भवन भवन निर्माण को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया है। इसमें कल यानी 23 मार्च को लखनपाल को व्यक्तिगत तौर पर कमिश्नर कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। आईडी लखनपाल के पेश नहीं होने की सूरत में एक तरफा कार्रवाई करने का भी नोटिस में जिक्र किया गया है। यह नोटिस टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट 1994 की धारा 253 के तहत दिया गया है। इस पर लखनपाल ने अपने फेसबुक पेज पर  सुखविंदर सुक्खू पर तंज कसते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी बड़ा दिल रखिए, सरकारें प्रेम भाव से चलती हैँ।

 

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