चमत्कारी औषधीय गुणों की खान है गुच्छी मशरूम आसमानी बिजली ओर बादलों की गड़गड़ाहट से स्वतः उगती है गुच्छी

शिमला 07 अप्रैल   । दुनिया की सबसे मंहगी सब्जी गंुच्छी प्रकृति की एक अनुपम देन है जोकि प्रकृति के स्पर्श से उगती है । इसका वैज्ञानिक नाम मार्किला एस्क्यूपलैंटा है । प्रदेश के शिमला, चंबा और मनाली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में  गुच्छियां अधिक मात्रा में  पाई जाती है जिसे स्थानीय भाषा में चेंऊ, रोंटू,  छतरी, चटमोर और डूंगरू के नाम से पुकारा जाता है ं । गुच्छी मशरूम के उगने का उचित समय मार्च से मई तक माना जाता है । बारिश से पहले कड़कती आसमानी बिजली की तेज किरणों और बादलों के गड़गड़ाहट होने से गुच्छी जंगलों में  स्वतः ही उगती है । सबसे अहम बात यह है कि गुच्छी बिना खाद व बीज के ही उगती है । कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र तल से  1500 से 3500 मीटर की ऊंचाई तक  गंुच्छी पाई जाती है । जिसके लिए 14 से 17 डिग्री सेलसियम तापमान की आवश्यकता रहती है ।
जुन्गा के दुर्गा सिंह ठाकुर  ने बताया कि गुच्छी के उगने का उचित समय  हर वर्ष फाल्गंुन से बैशाख माह माना जाता है ।  आग से झुलसे  हुए जंगल, नमी और घास के बीच  में गुच्छी मशरूम  अधिक उगती  हैं । बताया कि  इन दिनों  लोग दिन का भोजन साथ डालकर पूरे दिन गुच्छियां  एकत्रित करने के लिए जंगल में डेरा जमाए हुए   हैं । कई कई दिनों तक ग्रामीण  जंगल में गुच्छी की तलाश में रहते हैं अर्थात गंुच्छी को ढूंढना एक बेहद मुश्किल कार्य है । लोगों को विशेषकर फाल्गंुन माह में तेज बिजली और बादलों की गड़गड़ाहट होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता हैं ।  इनका कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति को जंगल में गुच्छी दिखाई नहीं देती है यह केवल  भाग्यशाली व्यक्ति को मिलती है । गुच्छी को जंगल से लाकर घर पर सुखाया जाता है और इसकी माला पिरोकर घर में टांगी जाती है । सूखकर गुच्छी का वजन बहुत कम रह जाता है । बता दें कि खुले बाजार में गुंच्छी की कीमत 30 से 35 हजार प्रतिकिलोग्राम बताई  जाती है । भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप, इटली इत्यादि देशों में इसकी बहुत डिमांड रहती है ।
पहाड़ों पर प्रकृति के स्पर्श से उगने वाली गुच्छी आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है । गुच्छियां जंगलों में प्राकृतिक तौर पर उगती है । कुदरत ने न ही इसका बीज बनाया है और न ही उपयुक्त स्थान । आयुर्वेद विशेषज्ञ  डाॅ0 अनु शर्मा ने बताया गुच्छी चमत्कारी  और औषधीय गुणों से भरपूर होती है।  इसमें आयरन, विटामीन बी और सी के अतिरिक्त अमीनो एसिड और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । इसमें लो फैट और हाई एंेटी आॅक्सिडेंटस फाईबर होते हैं।  विशेषकर हृदय रोगियों के लिए गुच्छी मशरूम संजीवनी होती है । एक रिपोर्ट के अनुसार निदेशालय खुंब अनुसंधान केंद्र चंबाधाट सोलन में गंुच्छी मशरूम पर वैज्ञानिकों द्वारा शोध किया जा रहा है ताकि गुच्छी का उत्पादन घर पर ही हो सकेे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *