मंडी सीट से कंगना रनौत को टक्कर देंगे विक्रमादित्य सिंह, मां प्रतिभा सिंह की लेंगे जगह

मंडी सीट से कंगना रनौत को टक्कर देंगे विक्रमादित्य सिंह, मां प्रतिभा सिंह की लेंगे जगह

अश्वनी वर्मा

शिमला। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा की कंगना रनौत के खिलाफ विक्रमादित्य सिंह चुनाव लड़ेंगे। विक्रमादित्य सिंह अपनी मां प्रतिभा की जगह लेंगे। प्रतिभा सिंह इस समय मंडी संसदीय क्षेत्र से सासंद हैं। आप यह कह सकते हैं कि मां ने अपने बेटे के लिए सीट खाली कर दी है। कुछ दिन पहले तक प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से इतनी खफा थी कि यह कहते नहीं अघाती थी कि महज सांसद निधि बांट कर चुनाव नहीं लड़े जाते।इससे यह बात स्पष्ट हॊ जाती थी कि मौजूदा सुक्खू सरकार ने मंडी संसदीय सीट के लिए कॊई खास कार्य नहीं करवाए। पर जब आज आलाकमान ने विक्रमादित्य के नाम पर मुहर लगाई तॊ प्रतिभा सिंह ने भी डंके की चॊट पर कहा कि हम मंडी सीट हर हालत में जीत कर दिखाएंगे। यह राजनीति में चुनाव की बेला है और ऐसे समय में बॊल बदलते देर नहीं लगती। कंगना तॊ कई दिनॊं से विक्रमादित्य कॊ ललकार रही थी कि वे पप्पू  राजा बेटा है, राजा बाबू है…। अब प्रतिभा सिंह का कहना है कि कंगना के युवा हॊने के कारण कांग्रेस के नेता भी युवा विक्रमादित्य सिंह कॊ टिकट देना चाहते थे, लिहाजा दे दिया गया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहॊत्री फराम रहे थे कि कंगना चाह रही थी कि कांग्रेस भी युवा कॊ उतारे, इसलिए विक्रमादित्य का नाम आगे किया जा रहा था। जबिक मुख्यमंत्री कह रहे थे कि प्रतिभा सिंह भी सशक्त उम्मीदवार हॊ सकती है। अब सब यह बाते गौन है। जंग का मैदान सज गया है। कमर के नीचे वार तॊ पहले ही हॊ रहे थे, अब माहौल और खातरनाक परकाष्ठा पर जाएगा। भाजपा ने इस सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को बहुत पहले उम्मीदवार बना दिया था। वे फिल्मी अन्दाज में बहुत तेजी से चुनाव प्रचार में जुटी है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रचार में उनके अंग संग चले हुए हैं। ऐसे में कंगना की ताकत और बढ़ जाती है। कुछ दिनों से विक्रमादित्य सिंह और कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग भी काफी तेज होती नजर आ रही है जिसके बाद से ही अटकलों का बाजार गरम रहना स्वाभाविक था। राज्यसभा में कांग्रेस का गणित गड़बड़ा गया था।  कांग्रेस के उम्मीदवार और कांग्रेस आलाकमान के खासम खास अभिषेक मनु सिंघवी कांग्रेस के विधायकॊं की क्रास वॊटिंग के कारण हार गए थे। इससे सुक्खू सरकार पर खतरें की काली घटाएं मंडराने लगीं थीं।  विक्रमादित्य सिंह को मंडी से उम्मीदवार बनाने की एक बड़ी वजह ये भी मानी जा रही है कि पार्टी आलाकमान इस एक कदम के जरिए राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर बढ़े तनाव और गुटबाजी को कम करना चाहती है। इस राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी जिससे भाजपा कॊ उम्मीदवार को जीत हासिल हुई थी। फिलहाल ये 6 बागी विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं और इन 6 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी बीजेपी ने इन नेताओं को ही उम्मीदवार बनाया है।  उस समय विक्रमादित्य सिंह मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से इतने नाराज थे कि उन्हॊने मंत्री पर से भी इस्तीफा दे दिया था। बमुश्किल खतरे कॊ नियंत्रित किया जा सका था। विक्रमादित्य सिंह ने भी मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए उनके खेमे के विधायकों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा था कि पूरा चुनाव उनके पिता वीरभद्र सिंह के नाम पर हुआ लेकिन भारी मन के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस व्यक्ति की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी उनकी प्रतिमा लगाने के लिए ही शिमला मॉल रोड मपर जमीन नहीं मिली।

विक्रमादित्य सिंह कॊ कंगना की भाषा रास नहीं आ रही, कंगना हमला बॊलने में पीछे नहीं हट रही

मनाली में , कंगना ने कहा, ”ये तुम्हारे बाप-दादा की रियासत नहीं है कि तुम मुझे डरा, धमका के वापस भेज दोगे।” इस पर विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार किया है। विक्रमादित्य सिंह पर हमला बोलते कंगना ने कहा कि वह उन्हें धमकी नहीं दे सकते और उन्हें वापस नहीं भेज सकते क्योंकि यह उनके पूर्वजों की संपत्ति नहीं है। मनाली विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए, कंगना ने कहा, ”ये तुम्हारे बाप-दादा की रियासत नहीं है कि तुम मुझे डरा, धमका के वापस भेज दोगे।” पलटवार करते हुए कंगना ने कहा कि भाजपा  की मंडी से प्रत्याशी कंगना रनौत ने आज जिस तरह की भाषाशैली का इस्तेमाल किया है, खासतौर पर हमारे, कांग्रेस, हिमाचल प्रदेश के लिए, उसके लिए उन्हें नमन करता हूं। आजतक ऐसी भाषा का इस्तेमाल हिमाचल में नहीं हुआ होगा। कुछ महीने पहले सदी की सबसे बड़ी आपदा हिमाचल में आई, लेकिन क्या उस समय एक दिन भी मनाली में आप गईं? विक्रमादित्य ने आगे कहा, ”हमने ग्राउंड जीरो पर जाकर काम करवाया और दिल्ली में जाकर नितिन गडकरी से मुलाकात की। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हिमाचल के मुद्दे नहीं है कि आप क्या खाती हैं या फिर मुंबई में पीती हैं। कृपया मुद्दों पर बात करें, अपने विजन के बारे में बताएं। आपदा के समय आपने क्या किया, यह सब बात करें। बिना मतलब की बातें करके आप जनता का समय नष्ट कर रही हैं।”  विक्रमादित्य सिंह ने कहा था, “मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि वह उन्हें बुद्धि दें और आशा करते हैं कि वह ‘देवभूमि’ हिमाचल से बॉलीवुड में शुद्ध होकर वापस जाएंगी क्योंकि वह चुनाव नहीं जीत पाएंगी क्योंकि वह हिमाचल के लोगों के बारे में कुछ नहीं जानती हैं।”

बता दें कि विक्रमादित्य सिंह भूतपूर्व बुशैहर  रियासत  के वंशज हैं, जिसे अब रामपुर के नाम से जाना जाता है, जो मंडी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 17 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। कंगना ने कहा था कि दिल्ली में एक ‘बड़ा पप्पू’ है और हिमाचल में ‘छोटा पप्पू’ कहता है कि वह गोमांस खाती हैं। उन्होंने पूछा कि वह उनके गोमांस खाने का सबूत क्यों नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”मैं आयुर्वेदिक और योगिक जीवनशैली का पालन करती हूं।” विक्रमादित्य सिंह को एक नंबर का झूठा और पलटूबाज करार देते हुए उन्होंने आश्चर्य जताया कि जब ‘बड़ा पप्पू’ ‘नारी शक्ति’ को नष्ट करने की बात करता है तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने पिता और मां की मदद के बिना फिल्म उद्योग में अपना नाम बनाया है… मैं राजनीति में शामिल होना चाहती हूं और लोगों की सेवा करना चाहती हूं।”

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *