प्रचण्ड समय / नूरपुर /बेबाक़ शर्मा रघुनाथ:-
प्रदेश में लोकसभा व छ विधानसभा उपचुनावों के मध्यनजर चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार आदर्श चुनाव सहिंता लागू हो चुकी है।
स्मरण रहे कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई आदर्श चुनाव सहिंता सभी राजनीतिक दलों, सरकारी कर्मचारियों व चुनाव लड़ने बाले सभी प्रत्याशियो के लिए एक नियमावली बनाई गई है जिसे उपरोक्त सभी को मानना जरूरी आवयश्क होता है। उलंग्न करने पर क्षेत्रीय चुनाव निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियमावली नियमानुसार कार्यबाही का प्रावधान होता है।
काबिले गौर है कि पिछले शनिवार 13 अप्रैल को
भाजपा संगठनात्मक जिला नूरपुर के सचिव रमेश कौशल ने उपमण्डल निर्वाचन अधिकारी नूरपुर एसडीएम गुरसिमर सिंह को कुछ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एक पार्टी विशेष के राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होकर आदर्श चुनाव सहिंता उल्लंघन करने की एक लिखित शिकायत की थी। शिकायक में आरोप लगाया गया था कि 14 अप्रैल को होने वाले डॉ भीमराव अमेंदकर जयन्ती समारोह को एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 11 अप्रैल को ही गुज्जर तालाब (जसूर) में आयोजित कर जाति विशेष के कुछ लोगों को इक्कठा कर कांग्रेस के पूर्व विधायक को मुख्यातिथि बनाया जिसमे हरबंस नागला, कर्मचंद प्रिंसिपल गर्ल्स स्कूल नुरपुर, पुरुषोत्तम सीएसटी प्राथमिक पाठशाला सुखार, राजकुमार टीजीटी डेलीवेज मलकवाल व कमल जो क्षेत्र के जलशक्ति विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने सरकारी सेवा में रहते हुए भाग लिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं की लिखित शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी जिलाधीश कांगड़ा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उपरोक्त सरकारी कर्मचारियों को 24 धंटे के भीतर सहायक निर्वाचन अधिकारी एस डी एम नूरपुर के कार्यालय में अपने आचरण बारे स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया था।
उपरोक्त आरोपित सरकारी कर्मचारियों ने अपना लिखित स्पष्टीकरण उत्तर सहायक निर्वाचन अधिकारी नूरपुर को सौंप दिया।