हिमाचल प्रदेश में एक्सीलेंस स्कूल-कॉलेज की सूची:
प्राइमरी स्कूल:
- बिलासपुर: 27
- चंबा: 56
- हमीरपुर: 26
- कांगड़ा: 76
- किन्नौर: 7
- कुल्लु: 35
- लाहुल स्पीति: 4
- मंडी: 76
- शिमला: 79
- सिरमौर: 54
- सोलन: 35
- ऊना: 25
हाई स्कूल:
- बिलासपुर: 6
- चंबा: 7
- हमीरपुर: 5
- कांगड़ा: 21
- किन्नौर: 1
- स्पीति: 1
- मंडी: 15
- शिमला: 13
- सिरमौर: 10
- सोलन: 10
- ऊना: 4
सीनियर सेकेंडरी स्कूल:
- बिलासपुर: 13
- चंबा: 15
- हमीरपुर: 18
- कांगड़ा: 38
- किन्नौर: 3
- कुल्लु: 11
- स्पीति: 2
- मंडी: 27
- शिमला: 25
- सिरमौर: 17
- सोलन: 12
- ऊना: 19
कॉलेज:
- बिलासपुर: 3
- चंबा: 3
- हमीरपुर: 3
- कांगड़ा: 10
- किन्नौर: 1
- कुल्लू: 3
- मंडी: 6
- शिमला: 7
- सिरमौर: 4
- सोलन: 3
- ऊना: 5
अतिरिक्त:
- मंडी और सिरमौर का संस्कृत कालेज भी एक्सीलेंस का दर्जा प्राप्त करेंगे।
महत्वपूर्ण बातें:
- एक्सीलेंस स्कूलों और कॉलेजों में एक्टिविटी लर्निंग और आउटकम पर फोकस किया जाएगा।
- सरकार इन स्कूल-कॉलेजों के लिए बेंचमार्क तय करेगी और शिक्षक भी मुहैया करवाएगी।
- एक्सीलेंस का दर्जा बनाए रखने के लिए प्रिंसीपलों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित की जाएंगी।
- हर साल इन संस्थानों का मूल्यांकन होगा और बेहतर प्रदर्शन न करने पर एक्सीलेंस का दर्जा वापस ले लिया जाएगा।
- बेहतर रैंकिंग के लिए एक्सीलेंस में जोर दिया जाएगा और अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूल-कॉलेजों को ग्रांट और टीचर्स को सम्मानित किया जाएगा।
- इन शिक्षण संस्थानों में एडमिशन बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा।
- इन संस्थानों की रैंकिंग के लिए मापदंड और गाइडलाइंस अलग से जारी होंगी।