Madvi Hidma: 40 लाख का इनामी नक्सली कमांडर हिड़मा, जिसके गढ़ में पहली बार फहराया गया तिरंगा

40 लाख का इनामी नक्सली कमांडर हिड़मा, जिसके गढ़ में पहली बार फहराया गया तिरंगा

बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में स्थित नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले पूवर्ती गांव में 17 फरवरी को सुरक्षाबलों ने पहली बार तिरंगा फहराया. यह गांव खतरनाक नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा का गढ़ माना जाता है. हिड़मा पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित है.

हिड़मा कौन है:

  • हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पूवर्ती गांव में हुआ था.
  • वह 1996 से नक्सलियों से जुड़ा हुआ है.
  • हिड़मा माओवादियों की पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड है.
  • वह माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) और सीपीआई (माओवादी) की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का भी सदस्य है.
  • हिड़मा को सुरक्षा बलों के खिलाफ उसके अभियानों के लिए जाना जाता है.

हिड़मा के खूंखार हमले:

  • 2013 का झीरम घाटी नरसंहार, जिसमें 27 लोग मारे गए थे.
  • 2017 का बुर्कापाल हमला, जिसमें 24 लोग मारे गए थे.
  • 2021 का बीजापुर हमला.

हिड़मा के खिलाफ कार्रवाई:

  • हिड़मा पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
  • सुरक्षाबलों ने कई बार हिड़मा को पकड़ने के लिए अभियान चलाया है, लेकिन वह हमेशा बच निकलने में सफल रहा है.

पूवर्ती गांव में तिरंगा फहराना:

  • 17 फरवरी को सुरक्षाबलों ने पूवर्ती गांव में नया पुलिस कैंप खोलकर तिरंगा फहराया.
  • यह आजादी के बाद पहली बार है जब इस गांव में तिरंगा फहराया गया है.
  • यह तिरंगा हिड़मा के खिलाफ सुरक्षाबलों की जीत का प्रतीक है.

निष्कर्ष:

पूवर्ती गांव में तिरंगा फहराना एक महत्वपूर्ण घटना है. यह नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है. यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में सुरक्षाबल नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने में सफल होंगे.

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