न बागियॊं कॊ राहत न भाजपा की बल्ले- बल्ले, मुख्यमंत्री ने फरमाया कि गंगा ने भी नहीं धॊए बागियॊं के पाप

अश्वनी वर्मा
शिमला। हिमाचल की राजनीति में आज अहम दिन रहा। विधानसभा सदस्यता खॊ चुके कांग्रेस के छह बागी विधायकॊं कॊ आज सुप्रीम कॊर्ट से कॊई राहत नहीं मिली है। अगली सुनवाई 18 मार्च, सॊमवार कॊ निर्धारित की गई है। उधर, आज उच्च न्यायालय में सुक्खू सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य संसदीय सचिवॊं की सुनवाई में भाजपा की बल्ले नहीं हॊ पाई है। क्यॊंकि इस मसले में भी. अगले माह के शुरुआत में अगली तारीखा दी गई है। सरकार गराने की साजिश रचने के मामले में एक विधायक कॊ उच्च न्यायालय ने सशर्त जमानत दे दी है। आज मुख्यमंत्री ने भी बागियॊं कॊ लेकर हुंकार भारी है। जबकि एक बागी राजेन्द्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली पर अपनी फेसबुक पॊस्ट पर सवाल उठाए हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को चंबा में एक जनसभा में बागी विधायकों पर फिर से बड़ा हमला बोला। सुक्खू ने कहा कि ‘गंगा मैया’ ने भी बागी विधायकों के पाप धोने से मना कर दिया है। जबकि वे पंचकूला से हरिद्वार जाने के बाद इन्हें ऋषिकेश अपने पाप धॊने गए थे। मुख्यमंत्री ने बागियॊं पर हुंकार भरते हुए कहा कि जब कोई विधायक बिकाऊ हो जाए तो उसके मन में डर होता है। सरकार को पैसे के लेन-देन से साजिश के तहत गिराने की कोशिश की गई। साजिश करने वाले 10 दिन पंचकूला में छिपे थे। यहां दिन रात सीआरपीएफ का पहरा लगा रहा। दस दिन बाद यहां से हेलिकॉप्टर से उड़ गए। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पूरी सतर्कता और सावधानी से कार्य कर रही है तथा इसे पूरी तरह से रोकने के लिए और सख्त कानून बनाए जाएंगे। यह बात उन्होंने आज कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने सवाल पदागा कि पंचकूला के ललित होटल में बागी विधायकों के ठहरने का 75 लाख रुपए का बिल किसने पे किया ? उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को उनकी कुर्सी छीनने की कोशिश की गई। भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया। जो लोग जनता के वोट से चुनकर आए, 28 फरवरी को उनकी सरकार गिराने का प्रयास किया। कहा कि मेंढक की तरह उछल-कूद करने वाले ऐसे लोग कभी सेवक नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने ऐसे नेताओं को लोकसभा चुनाव में सबक सिखाने की अपील की।
उधर, हिमाचल में सरकार को गिराने की साजिश के आरोप में हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा और बागी कांग्रेस विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा को आज हाईकोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने आशीष शर्मा और राकेश शर्मा को 15 मार्च को बालूगंज थाने में होने के आदेश दिए है। कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी और भुवनेश्वर गौड़ ने इन दोनों के खिलाफ सरकार को गिराने के लिए षड़यंत्र रचने, विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर शिमला के बालूगंज थाना में एफआईआर की गई है। आशीष शर्मा ने कहा है कि यदि आरोप साबित नहीं किए गए तो वह 50-50 करोड़ रुपए की मानहानि का केस करेंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में सीपीएस मामले के घंटॊं की सुनवाई के बाद तारीख गई अगले महीने पर
हिमाचल हाईकोर्ट में आज मुख्य संसदीय सचिवॊं के मामले में सुनवाई हुई। इसमें याचिकाकर्ता पक्ष और सरकार की ओर से एडवोकेट में लगभग ढाई घंटे बहस चली। अब यह मामला 2 अप्रैल को फिर सुना जाएगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट सीपीएस द्वारा मंत्रियों जैसी शक्तियों का उपयोग न करने के अंतरिम आदेश दे चुका है। सुक्खू सरकार ने कांग्रेस के 6 विधायकों को सीपीएस बनाया हुआ है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के विधायकों ने इनकी नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका में मांग की गई है कि सीपीएस बने विधायकों को मंत्री के तौर पर काम करने से रोका जाए। हाईकोर्ट में यह मामला जस्टिस विवेक ठाकुर और बिपिन चंद्र नेगी की बेंच में लगा।
देखिए कांग्रेस के एक बागी विधायक राणा की कथावाचन की बानगी
कांग्रेस के बागी विधायक राजेन्द्र राणा जॊ विधायक पद से सदस्यता खे चुके है ने अपनी एक पेस्ट में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कॊ कटघरे में खड़ा करने की कॊशिश की है। उनकी एक पॊस्ट की बानगी देखिए-
सुक्खू जी, आप सवालों के कटघरे में हैं … जनता को आप इन बिंदुओं पर क्या कहना चाहेंगे…?
क्या हैं आपके पास इन सवालों के जवाब ..?
– क्या आप यह बताएंगे कि हमारा प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में योगदान था या सरकार न बनने देने में योगदान था .. कर्मठ कार्यकर्ताओं और हमारी मेहनत से ही सरकार बनी थी, क्या आप इस सच से भी आंख मूंद लेंगे ..
– क्या चुने हुए प्रतिनिधियों पर झूठे केस बनाकर और दबाव बनाकर आप प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं..?
– आप चंडीगढ़ के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान हिमाचल भवन के CM suit में रुकने की बजाय अपने सुरक्षा कर्मियों को दाएं बाएं करके फाइव स्टार होटल में ही क्यों रुकते थे ? इसका राज भी प्रदेश की जनता आपसे जानना चाहती है.. क्या आप वह राज बताने का नैतिक साहस दिखाएंगे..?
-क्या यह सच नहीं है कि आप चुने हुए विधायकों की जगह अपने मित्रों को तरजीह दे रहे थे और विधायकों के काम रोक कर और उन्हें मिलने का समय न देकर उन्हें जलील कर रहे थे.. विकास के मामले में उनके हलकों की अनदेखी कर रहे थे..
– क्या आप प्रदेश की जनता को यह बताने का साहस दिखाएंगे की आपके कैबिनेट रैंक प्राप्त मित्र क्या गुल खिला रहे हैं.. आपने लूट की छूट क्यों दे रखी है..!
– आपने हिमाचल को आगे ले जाने की बजाय पिछले 12 महीने से बैक गियर में डाल रखा है.. क्या यह सच नहीं है..!
– एक तरफ आप आर्थिक संकट का रोना रो रहे हैं और दूसरी तरफ धड़ाधड़ झूठी घोषणाएं कर रहे हैं.. आर्थिक संकट और झूठी घोषणाओं का गणित भी जनता आपसे जानना चाहती है..!
– क्या यह सच नहीं है कि आपने हिमाचल के स्वाभिमान को राज्यसभा चुनाव में बेचने की कोशिश की और स्वाभिमान की रक्षा करने वालों को आप गद्दार करार दे रहे हैं..
– क्या आप हिमाचल की जनता को यह भी बताएंगे कि एक तरफ आप प्रदेश में आर्थिक संकट की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ आप इस छोटे से पहाड़ी राज्य में 20 से ज्यादा ओएसडी, एडवाइजर, मीडिया कोऑर्डिनेटर की फौज खड़ी करके जनता के टैक्स का पैसा उन पर लुटा रहे हैं। इतने ओएसडी ,एडवाइजर और मीडिया कोऑर्डिनेटर तो देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में भी नहीं है लेकिन आपने हिमाचल के खजाने पर इनका बोझ डाल रखा है। आप बताइए कि हिमाचल की जनता को इन सब महानुभावों का क्या लाभ मिल रहा है..
– एक तरफ आप प्रदेश में लीगल क्रेशर बंद करवा रहे हैं, दूसरी तरफ आपके परिवार की माईनिंग बरसातों में भी जारी रहती है। क्या यह सच नहीं है कि आपके परिजन कैपटिव क्रशरज को अवैध रूप से मैटेरियल सप्लाई कर रहे हैं और बिना नंबर के कई टिप्पर भी इस काम में लगे हुए हैं जिनका पुलिस भी चालान नहीं कर रही है। बिना एक्स फार्म के धड़ाधड़ ट्रक भर भर कर जा रहे हैं.. यह सारा क्या खेल है मुख्यमंत्री जी..?क्या मुख्यमंत्री होने के नाते आपके परिवार को इस लूट का कोई संवैधानिक विशेषाधिकार मिला हुआ है.. जनता को आपसे इसका भी जवाब चाहिए..